अतिक्रमण हटाने के बाद पीडब्ल्यूडी भूमि पर छोड़े गए मलबे को लेकर सख्ती, मुनादी कर दी गई चेतावनी
फूलपुर (आजमगढ)! निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद अब प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के दौरान सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाने के लिए कब्जाधारकों को एक सप्ताह का समय दिया है। निर्धारित अवधि में मलबा नहीं हटाने पर प्रशासन स्वयं सफाई कराएगा और उस पर आने वाला पूरा खर्च संबंधित कब्जाधारकों से वसूल करेगा।
जिलाधिकारी के निर्देश पर खुरासों मोड़ से उदपुर पेट्रोल पंप तक पीडब्ल्यूडी की भूमि पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इस दौरान बैकहो लोडर (जेसीबी) की मदद से कई अवैध मकानों और दुकानों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के बाद कब्जाधारकों ने उपयोगी सामान तो हटा लिया, लेकिन ईंट, सीमेंट, बालू और अन्य निर्माण सामग्री का मलबा सरकारी भूमि पर ही छोड़ दिया।
इसे देखते हुए 23 जुलाई को स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से मुनादी कराकर सभी संबंधित लोगों को एक सप्ताह के भीतर मलबा हटाने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि मलबा नहीं हटाया गया तो प्रशासन स्वयं उसे हटवाएगा और सफाई में आने वाला पूरा व्यय संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
मुनादी के बाद कई कब्जाधारकों ने मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। वहीं कुछ लोग ध्वस्तीकरण के दौरान बची दीवारों और छतों को भी मजदूरों एवं बैकहो लोडर की सहायता से गिरवा रहे हैं।
उपजिलाधिकारी फूलपुर ने बताया कि यदि कब्जाधारक स्वयं मलबा हटाते हैं तो वे उसका उपयोग अपनी आवश्यकता के अनुसार कर सकते हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा मलबा हटवाने की स्थिति में सफाई का पूरा खर्च संबंधित कब्जाधारक से वसूला जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।






