‘संगठन में शक्ति है, गांव-गांव शाखा लगने से नहीं पनपेंगी देश विरोधी ताकतें: दीनानाथ’
रिपोर्ट _ मनोज मोदनवाल/ फूलपुर, आजमगढ़
फूलपुर (आजमगढ़): चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, विक्रम संवत् 2083 सनातनी नव वर्ष एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर रविवार देर शाम फूलपुर नगर में भव्य पथ संचलन व शोभायात्रा निकाली गई। रामलीला मैदान से शुरू हुई इस यात्रा में स्वयंसेवकों का अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का उत्साह देखते ही बना।
उत्सव का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि विभाग प्रचारक दीनानाथ जी द्वारा भगवा ध्वज को प्रणाम करने के पश्चात हुआ। उन्होंने डॉ. हेडगेवार और गुरु जी के चित्रों पर माल्यार्पण, पुष्पर्चन एवं दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता आशीष सिंह ने की तथा संचालन विनोद जी द्वारा किया गया।

मुख्य अतिथि दीनानाथ जी ने अपने बौद्धिक संबोधन में कहा कि “आज का दिन सृष्टि रचना और हमारे संस्थापक का जन्मोत्सव है। भारत सदैव से वैभव संपन्न रहा है, लेकिन छुआछूत और आपसी भेदभाव के कारण हमने गुलामी का दंश झेला। अब समय आ गया है कि हम एकजुट होकर राष्ट्र को पुनः वैभवशाली बनाएं।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि गांव-गांव में संघ की शाखाएं लगेंगी, तो आतंकवाद जैसी राष्ट्र विरोधी ताकतें कभी सिर नहीं उठा सकेंगी। हमारा स्वयंसेवक हर गांव की रक्षा करने में सक्षम होगा।

बौद्धिक कार्यक्रम के पश्चात घोष (वाद्य यंत्रों) की धुन पर पथ संचलन शुरू हुआ। यह शोभायात्रा रामलीला मैदान से बस स्टॉप, सिनेमा रोड, शंकर जी तिराहा, शनिचर बाजार, चूना चौक, पुरानी सब्जी मंडी, मां भवानी तिराहा, पुरानी मिर्ची मण्डी और पशु अस्पताल तिराहा होते हुए पुनः रामलीला मैदान पहुंचकर संपन्न हुई। नगर में जगह-जगह, विशेषकर मुंडेश्वर नाथ रोड और चूना चौक पर स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर जिला प्रचारक राज कुमार, जिला कार्यवाह पंकज, बीजेपी जिलाध्यक्ष विनोद राजभर, जितेंद्र, घनश्याम, अरविंद, रामप्यारे, राजेश मोदनवाल, आकाश, भानु प्रताप चौहान, दिलीप बघेल, संगम, शैलेंद्र, आयुष, राज, उत्कर्ष सहित भारी संख्या में स्वयंसेवक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से कोतवाली प्रभारी सच्चिदानंद और एसआई दिनेश चंद त्रिपाठी पुलिस बल के साथ पूरी यात्रा के दौरान मुस्तैद रहे।







