– जल जीवन मिशन की टंकी पर 3 घंटे तक डटा रहा युवक, कूदकर जान देने की दी धमकी
– पुलिस और प्रधान के आश्वासन के बाद उतरा नीचे, पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी घटना
फूलपुर, आजमगढ़: फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के हथिनोरा गांव में आज सुबह एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जिसने लोगों को ब्लॉकबस्टर फ़िल्म ‘शोले’ की याद दिला दी। गाँव के ही रहने वाले कमलेश यादव (44) पुत्र रामदवर यादव, जल जीवन मिशन योजना के तहत बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और प्रशासन को अपनी बात मानने पर मजबूर कर दिया। करीब तीन घंटे तक चले इस फिल्मी ड्रामे ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया।
जानकारी के मुताबिक, हथिनोरा गाँव में जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल योजना के तहत पानी की टंकी का निर्माण चल रहा था। ठेकेदार ने निर्माण सामग्री की सुरक्षा के लिए कमलेश यादव को रखवाली के काम पर रखा था। काम पूरा होने के बाद, ठेकेदार ने ग्राम प्रधान कुंजन और उनके प्रतिनिधि सुग्रीव से कहा कि अब वे रखरखाव के लिए किसी और को रख सकते हैं।
कमलेश को अंदेशा हो गया कि ग्राम प्रधान उसे काम से निकाल देंगे। इस बात से परेशान होकर, वह सुबह फूलपुर ब्लॉक और जल जीवन मिशन के कर्मचारियों से मिला। लेकिन शायद उसकी परेशानी का कोई हल नहीं निकला। ब्लॉक से लौटने के बाद कमलेश सीधे गाँव की पानी की टंकी पर चढ़ गया और चिल्ला-चिल्लाकर ऐलान करने लगा कि अगर उसे काम से निकाला गया तो वह टंकी से कूदकर आत्महत्या कर लेगा।
कमलेश के टंकी पर चढ़ने की खबर जंगल की आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी सच्चिदानन्द यादव के निर्देश पर सीनियर सब इंस्पेक्टर गंगा राम बिंद अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँच गए। ग्राम प्रधान और उनके प्रतिनिधि सुग्रीव भी मौके पर मौजूद थे।
कमलेश को नीचे उतारने के लिए प्रशासन और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की। एसएसआई गंगा राम बिंद और प्रधान प्रतिनिधि सुग्रीव ने उसे आश्वासन दिया कि उसे काम से नहीं निकाला जाएगा। काफी समझाने-बुझाने के बाद, कमलेश आखिरकार साढ़े ग्यारह बजे टंकी से नीचे उतरा। करीब तीन घंटे तक चले इस ड्रामे ने प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए।
थाना प्रभारी सच्चिदानन्द यादव ने बताया कि वह मौके पर नहीं जा सके थे, लेकिन एसएसआई गंगा राम बिंद टीम के साथ गए थे। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के ठेकेदार ने कमलेश से कहा था कि अब उसे काम से निकाल दिया जाएगा और प्रधान जिसे रखना चाहेंगे, उसे रखेंगे। इसी बात से नाराज होकर उसने ऐसा किया। पुलिस टीम ने प्रधान प्रतिनिधि को बुलवाकर कमलेश को आश्वस्त कराया कि उसे काम से नहीं निकाला जाएगा, जिसके बाद वह टंकी से नीचे उतरा। कमलेश अब स्वस्थ है और अपने परिजनों के साथ है।







