डॉक्टर की गैर-मौजूदगी में अल्ट्रासाउंड की मिल रही थीं शिकायतें, जांच के दौरान सेंटर पर नहीं मिले चिकित्सक
फूलपुर (आजमगढ़)। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे सोनोग्राफी सेंटरों के खिलाफ जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. उमाशरण पांडेय ने फूलपुर कोतवाली के समीप स्थित एक निजी सोनोग्राफी सेंटर का औचक निरीक्षण किया।
एसीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय जब जांच करने पहुंचे, तो सेंटर खुला हुआ था लेकिन वहां न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही कोई मरीज। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई और संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। एसीएमओ के अनुसार, लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कई सेंटरों पर विशेषज्ञों की अनुपस्थिति में अप्रशिक्षित लोग अल्ट्रासाउंड और सोनोग्राफी कर रहे हैं, जो मानकों के विरुद्ध है।
निरीक्षण के दौरान एसीएमओ ने सेंटर के पंजीकरण और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान मशीन बंद पाई गई। हालांकि, प्राथमिक जांच में सेंटर का पंजीकरण वैध पाया गया है, लेकिन कार्यप्रणाली को लेकर संदेह बना हुआ है।
इस संबंध में एसीएमओ डाक्टर उमाशरण पांडेय ने बताया कि “शिकायत मिली थी कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में अप्रशिक्षित लोग जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान डॉक्टर वहां नहीं मिले और मशीन बंद थी। सेंटर का पंजीकरण वैध है, लेकिन जांच जारी रहेगी।”
मामले में जनता सोनोग्राफी सेंटर के संचालक चंद्रेश ने सफाई देते हुए कहा कि जिस समय अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे, उस समय डॉक्टर सेंटर से जा चुके थे। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य अवैध क्लीनिक और पैथोलॉजी संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।







