मिशन 2027 की नींव: आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सपा ने बिछाई बिसात।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सूबे की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने गुरुवार को समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया। सपा मुख्यालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें औपचारिक सदस्यता दिलाई। सिद्दीकी के साथ तीन बार के विधायक अनीस अहमद खान (फूल बाबू) और अपना दल (एस) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल समेत कई पूर्व विधायकों ने साइकिल की सवारी की।
15 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ ‘शक्ति प्रदर्शन’
सपा में शामिल होते ही नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके साथ आज 15,718 लोगों ने बसपा से इस्तीफा देकर सपा की सदस्यता ली है। राजनैतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सिद्दीकी का सपा में आना मुस्लिम और दलित समीकरणों को साधने की दिशा में सपा के लिए एक बड़ी रणनीतिक बढ़त है।
‘पीडीए का होली मिलन’ और ‘मुरझाता फूल’
अखिलेश यादव ने इस मौके पर सरकार पर जमकर तंज कसे। उन्होंने कहा:
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मजबूत होता कुनबा: “आज बहुजन समाज का रिश्ता सपा से और गहरा हो गया है। बाबा साहब और लोहिया जी का जो सपना अधूरा रह गया था, उसे हम पूरा कर रहे हैं।”
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तंज: “फूल बाबू के आने से अब किसी का ‘फूल’ मुरझा रहा है। यह चुनाव से पहले हमारा ‘पीडीए का होली मिलन’ है।”
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प्रयागराज प्रकरण: अखिलेश ने कहा कि जो लोग पूजनीय शंकराचार्य को अपमानित कर रहे हैं, वे असल में पीड़ित (पीडीए) को निशाना बना रहे हैं।
दिल्ली-लखनऊ की ‘खराब हवा’ पर वार
बिना नाम लिए मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा कि जो दूसरों से ‘सर्टिफिकेट’ मांग रहे हैं, पहले अपना सर्टिफिकेट दिखाएं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, “लखनऊ वाले कह रहे हैं कि दिल्ली की हवा खराब है, लेकिन हकीकत यह है कि दोनों की हवा खराब हो चुकी है।”






