22 साल का इंतजार खत्म, बेटे की कानूनी लड़ाई लाई रंग, पिता के हत्यारे थानेदार को जेल
आजमगढ़ : जिला एवं सत्र न्यायालय ने बुधवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए रानी की सराय के तत्कालीन थानाध्यक्ष जेके सिंह को कस्टोडियल डेथ के मामले में दोषी करार दिया। न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने जेके सिंह को आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, मामले के दूसरे आरोपी हेड कांस्टेबल नरेंद्र बहादुर सिंह की मुकदमे के दौरान ही मौत हो चुकी है।
29 मार्च 2003 को रानी की सराय पुलिस ने एफसीआई कर्मचारी हरिलाल यादव को बैटरी चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। हवालात में बंद हरिलाल को गोली मार दी गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र जितेंद्र ने आरोप लगाया था कि थानाध्यक्ष जेके सिंह के ललकारने पर हेड कांस्टेबल ने उनके पिता को गोली मारी थी।
इस मामले की जांच 2003 में ही सीबीसीआईडी (CBCID) को सौंप दी गई थी, जिसने 2005 में चार्जशीट दाखिल की। 22 साल तक चली लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को न्याय मिला। अदालत ने धारा 504 के तहत भी दोषी को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।






