जागरूकता और एक्शन का संयोजन
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में स्वापक नियंत्रण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी ने जनपद में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए और कार्रवाई में तेजी लाने को कहा।
नशा तस्करों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई
डीएम ने निर्देश दिया कि जहां पर व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थ पकड़े जाएं, उनके ऊपर गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गैंगस्टर एक्ट/एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत चल रही विवेचनाओं में तत्काल अंतिम रिपोर्ट लगाकर कार्रवाई हेतु प्रेषित करने का निर्देश भी दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक श्री विवेक त्रिपाठी को पुलिस विभाग से समन्वय स्थापित कर जांच उपकरणों का उपयोग करने और निरीक्षण के दौरान पुलिस बल साथ रखने को कहा गया।
मेडिकल स्टोर पर होगी सघन निगरानी
बैठक में औषधि नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने औषधि निरीक्षक सीमा वर्मा को जनपद के सभी मेडिकल स्टोर का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया ताकि प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री किसी भी दशा में न हो।
सरकारी दवाओं की बिक्री पर रोक:
- सभी सीएचसी/पीएचसी और सरकारी चिकित्सालयों के आस-पास स्थित मेडिकल स्टोर की जांच की जाएगी।
- यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी लोगो/टैग लगी हुई दवा किसी भी प्राइवेट मेडिकल स्टोर से न बिकने पाए।
स्कूलों में चलेगा व्यापक जागरूकता अभियान
नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए। पूरे जनपद में नशा मुक्ति का व्यापक अभियान चलाने को कहा गया।
- छात्र-छात्राओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा।
- स्कूलों में नशा मुक्ति के संबंध में पोस्टर, बैनर वितरित किए जाएंगे।
- निबंध, कहानी एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन कराकर छात्रों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी।
जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मादक पदार्थों की तस्करी के तरीकों के सम्बन्ध में आपस में सूचनाओं का आदान-प्रदान करें ताकि नेटवर्क को तोड़ा जा सके। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, डीएफओ आकांक्षा जैन, डीसी मनरेगा रामउदरेज यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







