आजमगढ़ : 15 अगस्त को आज़मगढ़ के कमिश्नर विवेक ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कमिश्नर ऑफिस में झंडा फहराया। उन्होंने इस दिन को देश के गौरवशाली इतिहास, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और त्याग को याद करने का अवसर बताया।
स्वतंत्रता दिवस पर कमिश्नर विवेक का संदेश
कमिश्नर ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर आजादी की लड़ाई लड़ी और देश को गुलामी से मुक्त कराया। उनका सपना एक आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज में आज भी मौजूद कुरीतियां और अंधविश्वास हमारी आजादी के रास्ते में बाधा हैं, और इन कुरीतियों से समाज को आजाद कराना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई एक सतत प्रक्रिया है, और हमें उन सभी चीजों का विरोध करना चाहिए जो हमारे अधिकारों को बाधित करती हैं।
आत्मचिंतन और शहीदों का सम्मान
कमिश्नर ने स्वतंत्रता दिवस को केवल आजादी का ही नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और आत्ममंथन का दिन भी बताया। उन्होंने कहा कि हमें यह सोचना चाहिए कि हम शहीदों के सपनों को साकार करने में कितना योगदान दे पाए हैं, और किस तरह से देश के हर व्यक्ति तक आजादी का एहसास पहुंचा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे अपने परिवारों और पड़ोस में स्वतंत्रता संग्राम और शहीदों के बारे में जानकारी दें, ताकि आजादी के महत्व को समझा जा सके। कमिश्नर ने कहा कि आजादी मिलना सबसे बड़ा वरदान है और स्वतंत्रता दिवस सबसे बड़ा पर्व है।
कमिश्नर की पत्नी का संबोधन और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इससे पहले, कमिश्नर की पत्नी प्रियंका ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्वजों के त्याग और बलिदान से मिली आजादी के महत्व को समझने की बात कही। उन्होंने कहा कि जहां भी कुछ गलत हो, उसका विरोध करना चाहिए, और यह संघर्ष अपने घर से शुरू किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन पूर्व सूचना अधिकारी रियाज़ आलम ने किया। इस दौरान, स्थानीय जीजीआईसी की छात्राओं ने “सलाम उन शहीदों को जो खो गये, वतन को जगा कर वो खुद सो गये” गीत प्रस्तुत किया, जिसकी काफी सराहना हुई। कार्यक्रम में कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया।
