आजमगढ़। प्रदेश सरकार के कार्यकाल के 09 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘मेगा सीएम युवा क्रेडिट कैम्प’ का भव्य आयोजन किया गया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से करीब 82 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए गए। भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में विभिन्न बैंकों और सरकारी विभागों के समन्वय से आयोजित इस कैम्प में जनपद के युवा उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कैम्प के दौरान विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत आए प्रस्तावों की समीक्षा की गई, जिसमें 180 से अधिक लाभार्थियों के ऋण आवेदनों को मौके पर ही स्वीकृति प्रदान की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह ऋण केवल वित्तीय सहायता नहीं, बल्कि युवाओं के लिए स्वरोजगार स्थापित करने और आर्थिक रूप से सशक्त बनने का एक बड़ा अवसर है। उन्होंने लाभार्थियों से आह्वान किया कि वे इस पूंजी का सदुपयोग कर अपने व्यवसाय को विस्तार दें और अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बनें।
जिलाधिकारी ने बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सरकार की स्वरोजगार योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “किसी भी आवेदक का ऋण आवेदन बिना किसी ठोस कारण के निरस्त न किया जाए। यदि आवेदन में कोई तकनीकी कमी है, तो आवेदक से संपर्क कर आवश्यक अभिलेख पूरे कराएं और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल व पारदर्शी बनाएं।”
कार्यक्रम में एलडीएम पवन और उपायुक्त उद्योग आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकार के मेगा कैम्पों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी देरी के युवाओं तक पहुँचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ऐसे और भी आयोजनों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत तिवारी, विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्यमी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।







