आजमगढ़,। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद आजमगढ़ में 24 मार्च से संचालित 100 दिवसीय सघन टीबी अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। अभियान के दौरान अब तक 1,224 टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार प्रारंभ कराया जा चुका है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि अभियान के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा घर-घर जाकर संभावित टीबी मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, पिछले पांच वर्षों में टीबी का उपचार ले चुके मरीजों, टीबी रोगियों के संपर्क में रहने वाले लोगों, धूम्रपान एवं शराब सेवन करने वालों, एचआईवी संक्रमित तथा कुपोषण से ग्रसित व्यक्तियों की निशुल्क जांच कराई जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन चार मोबाइल टीमें गांवों में छह-छह कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं। इन कैंपों में हीमोग्लोबिन, शुगर, एचआईवी एवं टीबी की निशुल्क जांच की जा रही है। प्रत्येक टीम में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन तथा एक्स-रे तकनीशियन तैनात किए गए हैं।
सीएमओ डॉ. वर्मा ने बताया कि अभियान में अत्याधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया जा रहा है, जिसे गांव-गांव तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है। मशीन से प्राप्त एक्स-रे रिपोर्ट का एआई सॉफ्टवेयर के माध्यम से विश्लेषण कर संभावित टीबी मरीजों की पहचान की जा रही है। टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान अब तक कुल 96,221 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग एवं इनरोलमेंट किया जा चुका है। इनमें से 86,395 व्यक्तियों का एक्स-रे किया गया, जबकि 2,186 लोगों की जांच कराई गई। अभियान के दौरान चिन्हित सभी टीबी मरीजों का उपचार प्रारंभ करा दिया गया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज समय पर जांच कराकर नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की सतत निगरानी एवं उपचार की व्यवस्था की जा रही है, जिससे टीबी मुक्त जनपद के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सके।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। समय पर जांच एवं नियमित उपचार से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।






