मंडलायुक्त ने परखी विकास कार्यों की रफ्तार, लापरवाही पर गिरी गाज
आजमगढ़ : मण्डलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में मंडलायुक्त सभागार में देर सायं सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित विभिन्न विभागों के ग्रेडिंग एवं रैंकिंग के आधार पर मण्डल के विकास कार्यों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने कहा कि तीनों जनपदों में कैंप का आयोजन कर योजना अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन करायें तथा लक्ष्य के सापेक्ष बैंकों से समन्वय कर अधिक से अधिक लाभार्थियों को लाभान्वित कर रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार लाएं।
जल जीवन मिशन ग्रामीण की समीक्षा में जनपद मऊ की प्रगति कम पाई गई, जिस पर आयुक्त ने निर्देश दिया कि एफएचटीसी की प्रगति बढ़ाते हुए रैंकिंग एवं ग्रेडिंग में सुधार लाएं। उन्होंने कहा कि योजना अंतर्गत हर घर को नल से जल की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। पीएम पोषण योजना अंतर्गत विद्यालयों के निरीक्षण की प्रगति की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि अधिक से अधिक विद्यालयों का निरीक्षण करें एवं भौतिक स्थिति की जांच करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें तथा निरीक्षण की रिपोर्ट तत्काल पोर्टल पर फीड करायें। सेतुओं के निर्माण की समीक्षा में जनपद बलिया की प्रगति कम पाई गई, जिस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि सेतुओं के निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करते हुए निर्धारित अवधि में कार्य को पूर्ण करें एवं कार्य के डाटा को पोर्टल पर भी फीड कर रैंकिंग में सुधार लाएं।
ओडीओपी टूल किट वितरण योजना अंतर्गत जनपद बलिया की प्रगति कम पाई गई, जिस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि लक्ष्य के सापेक्ष लाभार्थियों की ट्रेनिंग कराते हुए लक्ष्य को पूरा करें एवं रैंकिंग में सुधार करें।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने मंडल के तीनों जनपदों को निर्देश दिया कि योजनान्तर्गत लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक आवेदन करायें एवं बैंकों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक युवाओं को ऋण वितरण कर उनको आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग करें।
अनुसूचित जनजाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति की समीक्षा में आजमगढ़ की प्रगति सबसे कम पाए जाने पर मंडलायुक्त ने समाज कल्याण अधिकारी से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित समय से छात्रवृत्ति के आवेदनों को अग्रसारित कर रैंकिंग में सुधार लाएं तथा स्कूलों स्तर पर लंबित आवेदनों को निर्धारित समय से फॉरवर्ड करायें तथा इसकी नियमित मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति के प्रकरण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, कार्यों को पूरी गंभीरता के साथ करें एवं रैंकिंग में सुधार लाएं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि लक्ष्य के सापेक्ष अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को प्रोत्साहित कर आवेदन करायें। उन्होंने पीओ डूडा क़ो निर्देश दिया कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना अंतर्गत यथाशीघ्र सत्यापन कराते हुए अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
पर ड्रॉप मोर क्राप माइक्रोइरिगेशन की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि योजना अंतर्गत अधिक से अधिक आवेदन कराते हुए प्रगति बढ़ाएं। बैठक में उपनिदेशक उद्यान बिना सूचना के अनुपस्थित पाए जाने पर मंडलायुक्त ने वेतन रोकने एवं स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।
खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि ट्रांसफार्मर के खराब होने की शिकायत प्राप्त होते ही यथाशीघ्र ट्रांसफार्मर को बदलने की कार्रवाई की जाए एवं आवश्यकतानुसार ट्रांसफार्मरों के क्षमता में वृद्धि भी की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार दैनिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में नियमित रूप से विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होती रहे। उन्होंने मुख्य अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि स्कूलों के ऊपर से गए हाईटेंशन तारों को हटाने की कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन-जिन विभागों द्वारा विद्युत से संबंधित कार्य के लिए पैसे का भुगतान विद्युत विभाग को कर दिया गया है, उनका कार्य तत्काल करना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही कार्यों में लापरवाही पर अधिशासी अभियंता विद्युत बलिया का वेतन रोकने एवं स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने जेडी कृषि को निर्देश दिया कि किसानों द्वारा किए गए दावों के सापेक्ष निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक किसानों को नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए। मनरेगा की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त के निर्देश दिया कि शासन द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार ही ग्राम पंचायत में कार्य होना चाहिए, कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं आनी चाहिए, इसकी माइक्रो लेवल पर मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कहीं भी मशीन लगाकर कार्य नहीं होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के दौरान लगाए गए पौधों की निगरानी हेतु केयरटेकर अवश्य लगे रहें।
एंबुलेंस 108/102 की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम को कम कर लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पतालों में डायलिसिस यूनिट में बेड बढ़ाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि मण्डल के सभी जिला अस्पताल में स्थापित सीटी स्कैन मशीन के माध्यम से सीटी स्कैन की संख्या में बढ़ोतरी की जाए, जिससे कि अधिक से अधिक गरीब मरीजों को इसका लाभ मिल सके। मंडलायुक्त ने सभी सीएमओ को निर्देश दिया कि अस्पतालों में नियमित रूप से साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करायें तथा बेड पर चादरों को भी बदलवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अस्पताल में बाहर की दवा लिखने की शिकायत नहीं आनी चाहिए, मरीज को अस्पताल से ही सभी दवाई उपलब्ध करायें। उन्होंने कहा कि अस्पताल में यदि किसी भी दवा की कमी होती है, तो तत्काल उसकी उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि संचारी रोग एवं दस्तक अभियान क़ो प्रभावी रूप से क्रियान्वित करायें एवं इस दौरान की जाने वाले विभिन्न गतिविधियों को व्यापक स्तर पर आयोजित कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित करें कि अस्पतालों में चिकित्सक नियमित रूप से बैठें एवं मरीजों का उपचार करें। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित जांच करते रहें एवं अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी अस्पताल बिना मान्यता के संचालित नहीं होना चाहिए, टीम बनाकर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि दिव्यांग पेंशन के मामले में यदि कोई आवेदन रिजेक्ट होता है, तो उसका कारण स्पष्ट करें। उन्होने कहा कि पेंशन से संबंधित कोई भी आवेदन बिना कारण रिजेक्ट नही होना चाहिए। सामाजिक वनीकरण की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने डीएफओ को निर्देश दिया कि विभिन्न साइटों पर विजिट कर पौधारोपण की संख्या का सत्यापन सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त ने पशुपालन विभाग के मंडल स्तरीय अधिकारी को निर्देश दिया कि मंडल के तीनों जनपदों में स्थापित गौशालाओं की क्षमता के अनुसार गोवंश को संरक्षित करना सुनिश्चित किया जाए। पोषण अभियान की समीक्षा में जनपद बलिया एवं मऊ की प्रगति कम पाई गई, जिस पर मंडलायुक्त ने अपेक्षित प्रगति बढ़ाने हेतु जिला कार्यक्रम अधिकारी बलिया एवं मऊ को निर्देशित किया।
मंडलायुक्त ने बेसिक शिक्षा के मंडलीय अधिकारी को निर्देश दिया कि अभिभावकों को प्रोत्साहित एवं जागरूक करते हुए परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के नामांकन की संख्या बढ़ाएं तथा सभी स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता भी सुनिश्चित कराई जाए, इसकी ब्लाकवार समीक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अच्छा कार्य करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उनको सम्मानित भी किया जाए, जिससे दूसरे शिक्षक भी प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से स्कूलों की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि समस्त निर्माण कार्यों को निर्धारित अवधि में गुणवत्तायुक्त पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कराये जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं का कार्य 90 प्रतिशत से ऊपर पूर्ण हो गया है, उसको यथाशीघ्र पूर्ण कर संबंधित विभाग को हैंड ओवर करना सुनिश्चित करें। मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा विद्यालयों में कराए जा रहे निर्माण कार्य की जांच स्वयं करें एवं यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी वाटर लीकेज की समस्या नहीं हो, खिड़की- दरवाजे आदि को भी चेक करें। उन्होंने कहा कि जो कार्य अभी प्रारंभ नहीं हुआ है एवं उनका पैसा प्राप्त हो गया है, उस कार्य को तत्काल प्रारंभ करना सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं को सख्त निर्देश दिया कि आगामी बरसात के कारण किसी भी परियोजना के निर्माण मंे देरी नहीं होनी चाहिए, इसका पूरा ध्यान रखते हुए कार्यों में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी कार्यदायी संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय से निर्माण कार्यों को गुणवत्तायुक्त पूर्ण करायें तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग एवं निगरानी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य कराये जाएं, उसमें वित्तीय नियमावली का अनुश्रवण अवश्य करें एवं शासन की मंशानुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि जिस मद में पैसा आता है, उसी मद में व्यय करना सुनिश्चित करें, यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्रा, जिलाधिकारी बलिया मंगला प्रसाद सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त, मुख्य विकास अधिकारी आजमगढ़ परीक्षित खटाना, मुख्य विकास अधिकारी मऊ विवेक कुमार श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी बलिया ओजस्वी राज एवं समस्त विभागों के मण्डल स्तरीय/जनपद स्तरीय अधिकारी तथा कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।







