आजमगढ़: फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों पर बड़ा आरोप, दूसरे डॉक्टर के नाम पर मरीजों से ठगी का मामला

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आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के फूलपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक बड़ा ‘फर्जीवाड़ा’ सामने आया है। एक शिकायत के मुताबिक, केंद्र में एक ऐसा डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहा है जो वहां कार्यरत ही नहीं है। आरोप है कि यह डॉक्टर बाहर के मेडिकल हॉल से दवाएँ खरीदने के लिए मरीजों को मजबूर कर रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि डॉ. राशिद खान, जो केंद्र में कार्यरत नहीं हैं, इमरजेंसी ड्यूटी करते हैं और पर्चे पर दवा लिखने की बजाय मरीजों को बाहर के मेडिकल हॉल से दवा खरीदने को कहते हैं।

इसके अलावा, दो अन्य डॉक्टरों, डेंटल सर्जन डॉ. अश्वनी मिश्रा और डॉ. सोनम पाटिल, पर भी अपने तैनाती स्थल से लगातार अनुपस्थित रहने का आरोप है।

इस गंभीर मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से तत्काल जाँच और सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। इस खुलासे के बाद स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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दूसरे डॉक्टर के नाम पर मरीजों से ठगी का मामला

फूलपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला मरीज ने सीधे तौर पर दो डॉक्टरों, डॉ. राज बहादुर वर्मा और डॉ. अखिलेश कुमार पर दूसरे डॉक्टर के नाम का इस्तेमाल कर पैसे वसूलने और बाहरी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं लिखने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार, फूलपुर की रहने वाली पूजा गुप्ता अपने पति के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. कुंदन गुप्ता से अपनी आंखों का इलाज कराने गई थीं। पीड़िता का आरोप है कि वहां डॉ. राज बहादुर वर्मा ने खुद को डॉ. कुंदन गुप्ता बताकर इलाज शुरू किया। उन्होंने चश्मा बनाने के लिए 700 रुपये मांगे, जिसमें से पीड़िता ने 400 रुपये दिए। डॉ. वर्मा ने बाकी 300 रुपये बाद में देने को कहा और वादा किया कि उनका चश्मा तैयार हो जाएगा।

शिकायत के मुताबिक, डॉ. राज बहादुर वर्मा ने पूजा गुप्ता को दूसरे डॉक्टर अखिलेश कुमार के पास भेज दिया। आरोप है कि डॉ. अखिलेश कुमार ने जांच के लिए 600 रुपये और बाहर के मेडिकल स्टोर से 500 रुपये की महंगी दवाएं लिख दीं। पीड़िता को कर्ज लेकर ये दवाएं खरीदनी पड़ीं।

अस्पताल से बाहर आने पर कुछ लोगों ने पूजा गुप्ता को बताया कि वह जिससे मिली थीं, वह डॉ. कुंदन गुप्ता नहीं, बल्कि डॉ. राज बहादुर वर्मा थे। इस खुलासे के बाद पीड़िता ने महसूस किया कि उनके साथ ठगी हुई है।

इस मामले के सामने आने के बाद, स्वास्थ्य केंद्र में चल रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पूजा गुप्ता ने प्रशासन से डॉ. राज बहादुर वर्मा और डॉ. अखिलेश कुमार के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने और उनका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर से अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है, ताकि भविष्य में महिलाओं को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

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