



प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में धार्मिक आयोजनों की आड़ लेते देखे जा चुके हैं कुख्यात अपराधी
उत्तर प्रदेश : DGP प्रशांत कुमार ने सोमवार को पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पुलिस को रामनवमी पर्व और दूसरे धार्मिक आयोजनों पर कड़ी नजर रखने को कहा है। किसी तरह का उपद्रव न हो, इसलिए पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। डीजीपी ने पुलिस को आदेश जारी किए हैं कि धार्मिक आयोजन में जुटने वाले लोगों के बारे में खुफिया जानकारी इकट्ठा की जाए। उपद्रवी शांति भंग न कर सकें, इसलिए पुलिस सतर्कता बरते। इस बाबत डीजीपी ने सभी पुलिस कमिश्नरों, एडीजीपी, आईजी, डीआईजी और एसपी को निर्देश जारी किए हैं।
यूपी पुलिस को हाल ही में जानकारी मिली थी कि अपराधी वारदात के बाद छिपने के लिए धार्मिक आयोजनों की आड़ लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में यूपी पुलिस को अब खास आदेश जारी किए गए हैं। डीजीपी ने दूसरे राज्यों और जिलों से आने वालों लोगों पर पैनी नजर रखने को कहा है। एसटीएफ को भी सक्रिय किया गया है कि कोई भी अपराधी धार्मिक कार्यक्रमों में छिपकर पुलिस से बच न पाए। डीजीपी ने कहा कि हाल ही में शामली जिले में एक अपराधी के साथ मुठभेड़ के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुनील कुमार शहीद हो गए थे। बाद में जब जांच हुई तो पता चला कि आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए धार्मिक सभाओं का इस्तेमाल किया था।
धार्मिक आयोजनों में कुख्यात अपराधियों के छुपने की आशंका को देखते हुए DGP प्रशांत कुमार ने दिए निर्देश
अब ऐसे कार्यक्रमों को आयोजित करने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। डीजीपी ने जिला खुफिया इकाइयों और सोशल मीडिया की निगरानी करने वाली टीमों को भी सक्रिय रहने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को आपसी तालमेल के साथ काम करने की जरूरत है। लोगों का विस्तृत रिकॉर्ड अपने पास रखें और जरूरत पड़ने पर कार्यक्रम आयोजकों के साथ संपर्क करें।
DGP प्रशांत कुमार के निर्देश आयोजनों में सम्मलित होने वाले लोगों की सूची की जाए तैयार
निर्देशों के अनुसार उपस्थित लोगों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी एक रजिस्टर में नोट होनी चाहिए। रजिस्टर में उनका विवरण, आधार कार्ड की कॉपी आदि जैसी पहचान भी रखी जाए। संदिग्ध व्यक्तियों के बैकग्राउंड की भी हर महीने जांच होनी चाहिए कि वह किसी मामले में शामिल तो नहीं? पुलिस को सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क रहने के आदेश दिए गए हैं।
