





सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की बात… !
फूलपुर, आजमगढ़। आदर्श नगर पंचायत फूलपुर जो कि म्युनिसिपल एक्ट लागू होने के बाद से ही सबसे पुरानी नगर पंचायत की श्रेणी में आती है, जिसमें लगभग 15000 से ऊपर की आबादी के बीच अध्यक्ष सहित 10 सभासद विभिन्न वार्डों से जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसमें दो वर्ष पूर्व बीते चुनाव में समाजवादी पार्टी के समर्थन से विजई हुए राम अशीष बरनवाल ने अपने अंतरात्मा की आवाज सुन अपना नियत बदलकर भले ही भाजपा का दामन थाम लिया, लेकिन भाजपा के चार सभासदों व अन्य छह सभासदों के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष महोदय राम अशीष बरनवाल की मिस्ट्री बिगड़ी हुई नजर आ रही है, जिससे इस पुरानी नगर पंचायत में सभासद गणों के हवाले से अगर सूत्रों की माने तो उत्तर प्रदेश नगरी चुनाव के बाद बनी तीसरी सरकार में कुछ बड़ा ऐतिहासिक फैसला हो सकता है, जिसमें सभी सभासद गणों द्वारा सामूहिक रूप से इस्तीफा देने की भी बात सामने आ रही है, बताया जाता है कि सभासद गणों से परस्पर संबंध में कमी के चलते मनमानी ढंग से निर्माण कार्य गुणवत्ता पूर्ण ना होकर मानक के विपरीत किया जा रहा है, साथ ही बोर्ड की बैठक भी अनिश्चित समय से नहीं की जा रही, नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी द्वारा मनमाने ढंग से नगर में संबंधित कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है जिससे जनता के बीच भी असंतोष व्याप्त है, आदर्श नगर पंचायत फूलपुर के पिछले कार्यकाल में नगर पंचायत अध्यक्ष रहे शिव प्रसाद जायसवाल जो कि अपने आधे ही कार्यकाल में अस्वस्थ होने के बाद स्वर्गवासी भी हो चुके थे इसके बाद फूलपुर नगर पंचायत में विकास कार्य व जन सुविधाओं के कार्य बुरी तरह प्रभावित भी हुए थे, इसी के साथ 2023 में नगरी निकाय चुनाव में राम अशीष बरनवाल भाजपा प्रत्याशी अंशुमान जायसवाल से 100 से कम मतों से विजई होकर फूलपुर की विकास की गाथा लिखने के लिए जनता द्वारा अध्यक्ष की कुर्सी पर बिठाए गए.
असहयोगात्मक रवैया के कारण ले सकते हैं सभासद ऐतिहासिक फैसला
भाजपा से निर्वाचित सभासद व भाजपा के समर्थन से एक सभासद व निर्दलीय रूप से 6 सभासदो को भी जनता ने तीसरी सरकार को चलाने के लिए इस मिनी सदन में भेज़ा लेकिन बड़े-बड़े वादों के साथ नगर पंचायत चुनाव में विजई सभी प्रत्याशी बीते 2 वर्ष तक कोई भी ऐसा कार्य जनता के सामने नहीं ला सके की जिससे जनता द्वारा चुने गए अपने प्रतिनिधियों पर गुमान हो, फूलपुर नगर पंचायत क्षेत्र की जनता द्वारा मांगे गए किसी भी समस्या का समाधान समयबद्ध या पूर्ण रूप से होता हुआ नहीं दिख रहा, फूलपुर नगर पंचायत के वार्ड की जनता इसके लिए जहां सभासदों की जिम्मेदार ठहरा रही है तू वही सभासद भी नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा असहयोगात्मक रवैया पिछले दो वर्षों से अपनाएं जाने को लेकर आरोप लगा रहे हैं, सभासदों का कहना है कि नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा और ना ही अधिशासी अधिकारी द्वारा हम लोगों की व जनता की समस्याओं पर ध्यान दिया जाता है, साथ ही हम सभी लोग अपने समर्थ अनुसार जो भी कार्य करते रहते हैं.
बैठक व वार्ता किए बिना नगर पंचायत की व्यवस्था मनमानी ढंग से चलाई जा रही है!
नगर पंचायत अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी द्वारा किसी भी प्रकार के बैठक व वार्ता किए बिना ही नगर पंचायत की व्यवस्था मनमानी ढंग से चलाई जा रही है जिससे फूलपुर नगर पंचायत क्षेत्र में राशन कार्ड वृद्धा, विधवा, दिव्यांग पेंशन साफ-सफाई, जल निकासी, क्षेत्र का सौंदर्य करण, आदि कार्य से फूलपुर नगर पंचायत जो की एक रूप से तहसील क्षेत्र का मुख्य बाजार भी है जिसके चलते नगर पंचायत सुविधाओं के साथ-साथ व्यावसायिक रूप से भी प्रभावित हो रही है, इन्हीं सब आरोपी प्रत्यारोपों के बीच यह भी बात सामने आ रही है कि नगर पंचायत के अधिकतम सभासदों द्वारा सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया जा सकता है, और अगर ऐसा होता है तो उत्तर प्रदेश के नगरी चुनाव इस कार्यकाल में या ऐतिहासिक फैसला होगा, फिलहाल इसकी अभी तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है.
