- ई-केवाईसी लक्ष्य: 95 प्रतिशत से अधिक अनिवार्य।
- समय सीमा: अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण 15 दिन में पूर्ण हो।
- उज्ज्वला योजना: गैस एजेंसियों को लिखित नोटिस जारी कर सत्यापन के निर्देश।
- सख्ती: लापरवाह खाद्यान्न ठेकेदारों पर होगी सीधी कार्रवाई।
आजमगढ़। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित जनपद स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक में जिलाधिकारी (DM) रविन्द्र कुमार ने राशन वितरण और सरकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए कड़ा रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने ठेकमा, मार्टीनगंज और बिलरियागंज ब्लाकों में ई-केवाईसी पेंडिंग होने पर नाराजगी जताते हुए इसे तत्काल 95 प्रतिशत से ऊपर ले जाने के निर्देश दिए।
डीएम ने समस्त आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देशित किया कि अगले माह तक प्रॉक्सी खाद्यान्न वितरण का प्रतिशत हर हाल में कम किया जाए। जीरो पावर्टी अभियान के तहत उन्होंने उज्ज्वला योजना के लंबित लाभार्थियों का गैस एजेंसियों के माध्यम से शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा। लापरवाही बरतने वाली गैस एजेंसियों और खाद्यान्न आपूर्ति में ढिलाई करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अन्नपूर्णा भवन निर्माण की समीक्षा करते हुए उन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के लंबित भवनों को एक पक्ष (15 दिन) के भीतर पूर्ण करने का अल्टीमेटम दिया। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह सहित समस्त विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।








