लापरवाही पर सख्त मण्डलायुक्त: एक अधिकारी का वेतन रोका, दो से स्पष्टीकरण तलब

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कमिश्नर का कड़ा रुख: समीक्षा बैठक में भड़के, वेतन रोकने का दिया निर्देश

आजमगढ़। मण्डलायुक्त विवेक ने विकास कार्यों और राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक के दौरान कतिपय विभागों की खराब प्रगति पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड (CMIS) पर प्रदर्शित आंकड़ों के आधार पर कार्यों में शिथिलता बरतने पर कमिश्नर ने एक अधिकारी का वेतन रोकने और एक अन्य को स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया है।

जल निगम और यूपीपीसीएल को सख्त हिदायत

सोमवार देर शाम आयुक्त सभागार में आयोजित बैठक में मण्डलायुक्त ने पाया कि उत्तर प्रदेश जल निगम को 77 कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष मात्र 25 कार्य ही पूरे हुए। इस पर उन्होंने अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया कि इस माह के लक्ष्य (84 कार्य) में पिछले माह के अवशेष कार्यों को जोड़कर शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित की जाए।

वहीं, यूपीपीसीएल (UPPCL) के परियोजना प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि वे नियमित स्थलीय निरीक्षण करें और गुणवत्ता के साथ समझौता किए बिना निर्माण कार्यों को समय से पूरा करें।

जांच के घेरे में लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग

बैठक में वित्तीय विसंगतियों का मामला भी गरमाया। बलिया के ग्रामसभा खरूआंव और सिसवार में सड़क व नाली निर्माण में भौतिक प्रगति (काम) तो अधिक दिखी, लेकिन भुगतान बहुत कम पाया गया। मण्डलायुक्त ने मुख्य अभियंता (पीडब्ल्यूडी) को इसकी जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।

इसी तरह गंगा नदी के बलिया-बैरिया तटबंध पर स्पर निर्माण कार्य में भी भुगतान और भौतिक प्रगति के बीच भारी अंतर पाया गया। अधीक्षण अभियंता (ड्रेनेज मंडल, बलिया) द्वारा दिए गए तर्कों से असंतुष्ट होकर मण्डलायुक्त ने उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

अधिकारियों को अन्य प्रमुख निर्देश:

  • समयबद्धता: सभी अधिकारी समय से कार्यालय में उपस्थित हों और जनता की समस्याओं का नियमानुसार निस्तारण करें।

  • मानसून से पहले तैयारी: जिन परियोजनाओं का लक्ष्य मई-जून तक है, उन्हें बरसात शुरू होने से पहले हर हाल में पूरा किया जाए।

  • निर्बाध कार्य: जिन कार्यों के लिए बजट जल्द मिलने की संभावना है, उन्हें रोका न जाए बल्कि काम की गति जारी रखी जाए।

“विकास कार्यों में लापरवाही और वित्तीय विसंगतियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अधिकारी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं ताकि जनपद और मण्डल की रैंकिंग पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।”विवेक, मण्डलायुक्त

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