





मौनी अमावस्या, संगम में श्रद्धालुओं की आस्था
फूलपुर, आजमगढ़। मौनी अमावस्या पर तमसा मंजूषा संगम दुर्वासा धाम पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, माघ मास के मौनी अमावस्या पर दुर्वासा धाम संगम पर भोर से ही आस्था वान श्रद्धालु जन पहुंचने लगे,और मौन अवस्था में मझुई – टंवस नदी के संगम पर डुबकी लगा कर महाऋषि दुर्वासा के तपोस्थली विराजमान भगवान भोले शंकर के लिंग स्वरूप का दर्शन पूजन कर दान आदि किया।
मौनी अमावस्या पर दुर्वासा धाम पर मेले जैसी स्थिति रही, चारों तरफ भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी, प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के चलते मौनी अमावस्या पर दुर्वासा ऋषि के तपोस्थली ने श्रद्धालुओं को तमसा मंजूषा संगम पर आकर्षित किया जिसके कारण श्रद्धा की भावना के चलते दुर्वासा संगम पर भी स्नार्थियों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुट गईं, सुरक्षा व्यवस्था को भी लेकर स्थानीय पुलिस लगी रही।
भैरव भक्तों ने लगाई आस्था की डुबकी मांगी
महाराजगंज : मौनी अमावस्या के अवसर पर भैरव बाबा की पावन धरती भैरव बाबा स्थान पर भैरव भक्तों ने पवित्र सरोवर में लगाई आस्था की डुबकी मौनी अमावस्या के दिन सुबह 4:00 बजे से ही भैरव भक्तों द्वारा पवित्र सरोवर में आस्था की डुबकी लगाकर मंदिर में जाकर फूल माला, बताशा ,नारियल चुनरी तथा हलवा पुरी चढ़ाकर अन्य दान किया भाई भैरव भक्तों द्वारा जयकारे के उद्घोष से मंदिर परिषद गूंज मन हो रहा था परिक्रमा करते समय शीश झुका कर मन्नतें मांगी मन्नते पूरी होने के पश्चात भैरव भक्तों द्वारा सतनारायण की कथा सुनते हुए भैरव के चरणों में शीश नवाते नजर आए भैरव बाबा स्थान के अलावा बड़ी सरजू नदी के किनारे बलुआ घाट सहित अन्य घाटों पर भी लोग आस्था की डुबकी लगाएं, मेले में तरह-तरह की दुकाने सजाई हुई थी जैसे लोहे व लकड़ी से बने सामान, मिठाई ,चाट ,फुलकी फूल माला, बताशा, खिलौने व सौंदर्य प्रसाशन, आदि की दुकाने लगीं थी मेले में बच्चों ने मनोरंजन के सामान खरीदें तो वही पर महिलाओं ने श्रृंगार के विभिन्न प्रकार के सामग्री खरीदी मेले में भीड़भाड़ के कारण पुलिस व्यवस्था भी चुस्त दुरुस्त नजर आई.
