शस्त्र अधिनियम मामला: लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान दर्ज हुआ था मुकदमा
आजमगढ़। जौनपुर जेल में निरुद्ध पूर्व सांसद उमाकांत यादव को बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आजमगढ़ की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने शस्त्र अधिनियम के एक पुराने मामले में उनके खिलाफ जारी वारंट को निरस्त कर दिया, जबकि गैंगस्टर एक्ट से जुड़े दूसरे मामले में अगली तारीख तय की है।
शस्त्र अधिनियम मामला: 16 मार्च को होगी गवाही
मामला वर्ष 1989 का है, जब सरायमीर थाने में उमाकांत यादव के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता रविंद्र नाथ यादव ने बताया कि उस समय पूर्व सांसद की लाइसेंसी बंदूक के नवीनीकरण (रिन्यूअल) की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान पुलिस ने उनके आवास की तलाशी ली और लाइसेंस न दिखा पाने के कारण शस्त्र बरामद कर मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इस मामले में गवाही की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन पिछली तारीखों पर अदालत में उपस्थित न होने के कारण उनके खिलाफ वारंट जारी हो गया था। बृहस्पतिवार को एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट अनुपम त्रिपाठी की अदालत में पेशी के दौरान वारंट निरस्तीकरण का प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले में 16 मार्च को गवाही होगी।
गैंगस्टर एक्ट में 12 मार्च की तिथि नियत
शस्त्र अधिनियम के अलावा, उमाकांत यादव को गैंगस्टर एक्ट से जुड़े एक अन्य मुकदमे में एमपी-एमएलए सत्र न्यायालय में भी पेश किया गया। इस मामले में कार्यवाही पूरी होने के बाद अदालत ने सुनवाई के लिए 12 मार्च की अगली तिथि निर्धारित की है। पेशी के दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।






