



सजा के ऐलान के बाद संतुष्ट दिखा स्वर्गीय चंदन गुप्ता का परिवार…….
फूलपुर एक्सप्रेस
लखनऊ। 26 जनवरी 2018 को तिरंगा यात्रा के दौरान कासगंज के बहुचर्चित चंदन गुप्ता हत्याकांड में एन आई ए कोर्ट ने सभी 28 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई है, साथ ही तिरंगे के अपमान को लेकर अतिरिक्त 3 वर्ष की भी सजा सुनाई गई है, इस फैसले के बाद चंदन के परिजनों ने न्याय मिलने पर संतोष संतुष्टि जाहिर की है फैसले के बाद चंदन की माता ने तिरंगे झंडे को अपने छत पर लहराया, चंदन के पिता ने कहा कि चंदन की आत्मा आज बहुत संतुष्ट होगी. हमें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद थी और आज हमें न्याय मिल गया है, लेकिन इस पल में हमें अपने बेटे की कमी बहुत खल रही है, उसकी बहुत याद आ रही है. चंदन के भाई विवेक गुप्ता ने कहा कि आज बहुत बड़ा दिन है, मेरे भाई की आत्मा को शांति मिली होगी. हमारे ही देश में मेरे भाई की निर्मम हत्या की गई थी. सरकार ने हमारा केस लड़ने में काफी सहयोग किया था. उन्होंने घटना के दिन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन तिरंगा यात्रा निकाली जा रही थी, तभी हम लोगों की बडूनगर में बाइकें रोक ली गईं, सभी के साथ जमकर मारपीट की गई थी ईंट पथ्थर भी चलाए जा रहे थे वहां से हम किसी तरह अपनी जान बचाकर सलीम के मकान के पास पहुंचे, वहां सलीम और अन्य लोगों ने मेरे भाई चंदन को गोली मार दी. इसके बाद हम चंदन को अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था,
एन आई ए स्पेशल कोर्ट के जज विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने गुरुवार को ही चंदन गुप्ता हत्याकांड में 28 आरोपियों को दोषी करार दिया था, उन्होंने कहा कि सजा शुक्रवार (3 जनवरी) को सुनाई जाएगी. आरोपियों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने के आरोप में दोषी ठहराया गया था. आरोपी असीम कुरैशी, नसरुद्दीन को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया था। सजा सुनाए जाने के दौरान 26 आरोपी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित थे। इसमें अन्य आरोपी मुनाजिर रफी कासगंज जेल से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुआ। वह एक अन्य मुकदमे में इस वक्त कासगंज जेल में बंद है। मुख्य आरोपी सलीम गैरहाजिर रहा। उसके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया था। इस मुक़दमे में कुल 12 गवाह पेश किए गए।
पिता सुशील गुप्ता, चश्मदीद भाई विवेक गुप्ता, सौरभ पाल विशेष रूप से पेश किए गए। सभी आरोपियों को 147, 148, 149, 341, 336, 307,302, 504, 506 दंड संहिता, धारा 2 राष्ट्र ध्वज अपमान निवारण अधिनियम का दोषी ठहराया गया है।

बता दें कि साल 2018 में कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान हुई सांप्रदायिक झड़प में चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. NIA कोर्ट ने नसीरुद्दीन और असीम कुरैशी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त सबूतों की कमी का हवाला देते हुए बरी कर दिया, वहीं सजा की घोषणा होने के बाद जहां परिजनों ने सरकार व कोर्ट के प्रति संतुष्टि जाएगी तो वही अन्य संगठनों व कुछ लोगों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग कर डाली,
