विकास की दौड़ या कब्जे का खेल? पदक जीतने वाले बच्चों के सामने अस्तित्व का संकट
फूलपुर (आजमगढ़): तहसील परिसर में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब प्रदेश और जिला स्तर पर पदक जीत चुके नन्हे खिलाड़ी ग्रामीणों के साथ अपना खेल का मैदान बचाने की फरियाद लेकर पहुँचे। ग्राम कनेरी के इन बच्चों और ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) परीक्षित खटाना को प्रार्थना पत्र सौंपकर खेल मैदान और मंदिर की भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि गाटा संख्या 7मि (1.8100 हेक्टेयर) बंजर भूमि, जिस पर प्राचीन बजरंगबली मंदिर स्थित है और जिसका उपयोग बच्चे खेल मैदान के रूप में करते हैं, उसे गाँव के ही कुछ रसूखदार लोग फर्जी दानपत्रों के जरिए हड़पना चाहते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया कि कब्जा करने की नीयत से शिवलिंग को क्षति पहुँचाई गई और सार्वजनिक रास्ते को जेसीबी से खुदवाकर बंद कर दिया गया। आजमगढ़ का मान बढ़ाने वाली खिलाड़ी साक्षी, सोनाक्षी, श्रेयांशी और खुशी ने बताया कि मैदान पर कब्जे के कारण उनका अभ्यास रुक गया है, जिससे उनका भविष्य अंधकार में है।








