पांच दिवसीय रामचरितमानस ज्ञानयज्ञ का आखिरी दिन भक्ति मय रहा

( ब्यूरो चीफ / चेतन सिंह ) बिहार : सहरसा के पतरघट प्रखंड क्षेत्र के पस्तपार बाजार स्थित क्रष्णा मार्कोट में आयोजित पांच दिवसीय रामचरितमानस ज्ञानयज्ञ का आखिरी दिन भक्ति मय रहा। यह ज्ञानयज्ञ 23 दिसंबर को शोभायात्रा के साथ एवं भारतीय संस्कृति के परंपरा के अनुसार दिप प्रजलीत के साथ शुभारंभ किया गया था। इस सत्संग के आयोजन से भक्तो मे हर्ष का माहौल देखा गया।ग्रामीण परिवेश मे होने वाले इस सत्संग के आयोजन से भक्तो मे हर्ष का माहौल व्याप्त रहा है।अधिक से अधिक लोग इस सत्संग का लाभ उठाकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया । स्वामी सुकर्मानन्द महराज के द्वारा प्रवचन,भजन- कीर्तन व ग्रन्थ पाठ किया।श्री आशुतोष महाराज के शिष्य स्वामी सुकर्मानन्द जी ने कहा कि गीता में लिखा है कि अंतिम समय में प्रभु का नाम लेने से हम प्रभु के धाम चले जायेंगे अंतिम समय में प्रभु का नाम लेना कितना आसान है। भगवान श्री राम के बारे में महर्षि वाल्मीकि द्वारा अनेक कथाएं लिखी गई हैं। वाल्मीकि के अलावा प्रसिद्ध महाकवि तुलसीदास ने भी श्री राम के महत्व को लोगों को समझाया है। भगवान राम ने कई ऐसे महान कार्य किए हैं जिसने हिन्दू धर्म को एक गौरवमयी इतिहास प्रदान किया है। महराज जी ने कहा कि आज समाज के कुछ लोग पुराने परंपरा को भुल रहे हैं ।यह कार्यक्रम उमेश महाराज की देखरेख में संपन्न हुआ। मौके पर उपस्थित पैड प्लेयर रविंद्र कुमार, तबला वादक राम उजागर,ओरगेन वादक श्री उमेश जी, शिव शंकर,जदयू नेता सियाराम यादव ,समाज सेवी रंजन यादव, अन्य लोग मौजूद थे ।

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!