“हादसा समझकर दफना दिया था मासूम का शव, एक महीने बाद खुला राज”
देवगांव, आजमगढ़। जनपद के थाना देवगांव अंतर्गत चेवारपुर पूरब (मुसऊपुर) गांव में एक माह पूर्व हुई 3 वर्षीय मासूम बालक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस मौत को परिजन हादसा मानकर शव दफना चुके थे, वह असल में बेरहमी से की गई हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में गांव की ही एक युवती प्रिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बीते 13 दिसंबर 2025 को गांव के गुलाबचन्द्र के 3 वर्षीय पुत्र का शव उस स्थान पर मिला था जहाँ भैंसें बांधी जाती हैं। उस समय परिजनों को लगा कि भैंस का खुर लगने से बालक की मौत हुई है। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को दफना दिया गया था।
माँ के संदेह ने खोला राज
घटना के कुछ दिनों बाद मृतक की माँ रिबिका को बेटे की हत्या का संदेह हुआ। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से गुहार लगाई, जिसके बाद जिलाधिकारी के आदेश पर 14 जनवरी 2026 को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया, जिसमें हत्या की पुष्टि हुई।
पुलिस की कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। शुक्रवार को थाना प्रभारी विमल प्रकाश राय की टीम ने अभियुक्ता प्रिया पुत्री राजेश को उसके घर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब हत्या के पीछे के असल मकसद की जांच कर रही है।








