एसपी ग्रामीण ने जांचे मिशन शक्ति केंद्रों के रजिस्टर, पीड़िताओं को फोन कर जानी पुलिस की कार्यशैली

Share

  • सीधा संवाद: अधिकारियों ने पीड़िताओं को फोन कर पुलिस की गुणवत्ता का लिया मूल्यांकन।
  • बहुआयामी सहायता: काउंसलिंग, कानूनी मदद और पुनर्वास पर विशेष ध्यान।
  • स्थापना: जनपद के समस्त थानों पर मिशन शक्ति केंद्रों का प्रभावी संचालन।
  • लक्ष्य: सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन।

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर आजमगढ़ पुलिस पूरी तरह सक्रिय है। गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित सभागार में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने मिशन शक्ति केंद्रों के संचालन और मासिक कार्ययोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

समीक्षा बैठक के दौरान जनपद के सभी थानों पर स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के प्रभारियों ने अपने अभिलेख और रजिस्टर प्रस्तुत किए। इस दौरान कार्यप्रणाली की पारदर्शिता जांचने के लिए एसपी ग्रामीण ने एक अनोखी पहल की। उन्होंने केंद्रों से सहायता प्राप्त कर चुकी पीड़ित महिलाओं के मोबाइल नंबरों पर सीधे कॉल कर उनसे बातचीत की और पुलिस की सहायता व व्यवहार पर फीडबैक लिया।

एसपी ग्रामीण ने निर्देशित किया कि मिशन शक्ति केंद्र केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित न रहें, बल्कि महिला उत्पीड़न की शिकार पीड़िताओं को काउंसलिंग, पुलिस सहायता, चिकित्सा, कानूनी मदद, मनोवैज्ञानिक परामर्श और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तक का सफर साथ तय करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़िताओं के पुनर्वास और क्षतिपूर्ति दिलाने में भी केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

बैठक में जोर दिया गया कि केंद्रों पर आने वाली महिलाओं के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु संचालित विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। आजमगढ़ पुलिस मिशन शक्ति के माध्यम से एक सुरक्षित और सशक्त समाज के निर्माण हेतु निरंतर प्रयासरत है।

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पढ़ी गई
error: Content is protected !!