समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी ने की न्याय दिलाने की मांग
आजमगढ़। जिले में राजभर वोटों की फसल काटने की होड़ सी मच गई है। एक ओर सपा कहती है कि जिले में सुभासपा का प्रभाव नहीं है तो दूसरी ओर वह खुद भी वहां पहुंच जा रही है जहां सुभासपा के लोग राजनीति की फसल बोने के लिए जा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र को लिया जा सकता है। यहां एक राजपूत और राजभर के बीच का विवाद न्यायालय में है और स्थानीय प्रशासन शुरू से न्याय करता रहा है। लेकिन सुभासपा के लोगों के हस्तक्षेप को ध्यान में रख सपा के लोग भी राजभर समाज के पक्ष में, बयानबाजी करने से पीछे नहीं रहे। अभी कुछ दिनों पहले राजपूत परिवार के खिलाफ गोसड़ी गांव पहुंचे सपा के लोग गुरुवार को शबनम राजभर की हत्या के बहाने पहुंच गए, जबकि शबनम की मौत लगभग दो साल पहले हुई थी। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष हवलदार यादव के नेतृत्व में सपा के लोगों ने सुरहन में हुई शबनम राजभर की हत्या के साथ गोसड़ी में भूमि विवाद को लेकर उप जिलाधिकारी को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। बताया कि ग्राम गोसड़ी में राजभर परिवार के लोगों का नाम खतौनी में दर्ज है एवं बतौर कृषि कार्य काबिज दाखिल हैं। मनोज सिंह प्रशासन की मदद से गेहूं की खाड़ी फसल को चोरी से काट ले गए। फसल काटने की घटना के संबंध में दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। वहीं सुरखन में हुई शबनम राजभर पुत्री जैतून की हत्या के संबंध में तत्काल संध्या जैते हुए परिवार को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायत की मांग की गई। प्रतिनिधि मंडल में सांसद दरोगा प्रसीद सरोज, विधायक कमलाकांत राजभर आदि शामिल रहे।
