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दिव्यांगजनों को बड़ी राहत: अब सप्ताह में चार दिन लगेगा दिव्यांग बोर्ड, जल्द बनेंगे यूडीआईडी कार्ड

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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की पहल पर फैसला, लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के लिए बढ़ाई गई बोर्ड बैठकों की संख्या

आजमगढ़। जनपद के दिव्यांगजनों को समयबद्ध रूप से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की विशेष पहल पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब आजमगढ़ में दिव्यांग बोर्ड की बैठक सप्ताह में दो दिन के स्थान पर चार दिन आयोजित की जाएगी। यह बैठक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार एवं बृहस्पतिवार को ओपीडी समय समाप्त होने के बाद मंडलीय जिला चिकित्सालय में आयोजित होगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांगजन हैं, जिन्होंने यूडीआईडी पोर्टल पर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन विभिन्न कारणों से अभी तक दिव्यांग बोर्ड के समक्ष चिकित्सीय परीक्षण के लिए उपस्थित नहीं हो सके हैं। इससे प्रमाण-पत्र जारी होने में विलंब हो रहा है और पात्र लाभार्थी शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

उन्होंने सभी लंबित आवेदकों से अपील की है कि वे निर्धारित दिनों में दिव्यांग बोर्ड के समक्ष अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर चिकित्सीय परीक्षण कराएं, ताकि उनके दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड शीघ्र जारी किए जा सकें।

जिलाधिकारी ने कहा कि आजमगढ़ जैसे बड़े जनपद में सप्ताह में केवल दो दिन बोर्ड की बैठक होना पर्याप्त नहीं था। इसी कारण यूडीआईडी पोर्टल पर लंबित आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। दिव्यांगजनों की सुविधा और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बोर्ड की बैठकों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित हो सके।

इस संबंध में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए हैं कि दिव्यांग बोर्ड की बैठक प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, बुधवार एवं बृहस्पतिवार को नियमित रूप से आयोजित कराई जाए तथा लंबित आवेदनों के त्वरित निस्तारण की प्रभावी निगरानी की जाए।

जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित स्वावलंबन (यूडीआईडी) पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं। पोर्टल पर आवेदन करने के बाद प्रत्येक आवेदक का दिव्यांग बोर्ड के समक्ष चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य होता है। परीक्षण में पात्र पाए जाने पर ही दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं।

रिपोर्ट : फूलपुर एक्सप्रेस 

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