आजमगढ़। आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने के काम में बरती जा रही ढिलाई पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। रविवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह के भीतर मिशन मोड में अभियान चलाकर पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाए। लक्ष्य पूरा न करने वाली आशा कार्यकर्ताओं, कोटेदारों और संबंधित कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिलाधिकारी ने बैठक में नाराजगी जताते हुए कहा कि आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं, इसके बावजूद इनका शत-प्रतिशत गोल्डन कार्ड न बन पाना गंभीर विषय है। उन्होंने निर्देश दिया कि अंत्योदय कार्डधारकों और स्वास्थ्य कर्मियों की श्रेणियों को प्राथमिकता पर रखते हुए व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर उनके कार्ड बनवाए जाएं। जिन क्षेत्रों में पेंडेंसी अधिक है, वहां आशा कार्यकर्त्रियां घर-घर जाकर लाभार्थियों को सूचित करें और कैंप तक लाएं।
डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जिन कर्मियों की आईडी अगले सप्ताह तक प्रगति में सबसे नीचे पाई जाएगी, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों (BDO) और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अधिक पेंडेंसी वाले गांवों में विशेष कैंप आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि अभियान की प्रतिदिन समीक्षा होगी और शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ लिखित आदेश जारी कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि जिन लाभार्थियों के कार्ड अभी तक नहीं बन पाए हैं, उनकी अलग सूची तैयार कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाए। उन्होंने कोटेदारों और सप्लाई इंस्पेक्टरों को भी इस अभियान में तेजी लाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं का सहयोग करने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. एन.आर. वर्मा ने भी विभागीय अधिकारियों को अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, समस्त एमओआईसी, बीडीओ और सीडीपीओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







