आजमगढ़। शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के मसीहा एवं सामाजिक परिवर्तन के अग्रदूत मान्यवर कांशीराम साहब की 92वीं जयंती रविवार को नेहरू हॉल में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके संघर्षों को याद किया।
सांप्रदायिक ताकतों ने तोड़ा था कांशीराम-मुलायम का ऐतिहासिक गठबंधन
मुख्य अतिथि के रूप में सभा को संबोधित करते हुए सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम का जीवन संघर्षों की मिसाल है। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के संविधान के अनुसार पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों को उनका हक दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

धर्मेंद्र यादव ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, “मान्यवर कांशीराम और समाजवाद के पुरोधा स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव ने मिलकर सामाजिक न्याय के लिए काम शुरू किया था, लेकिन सांप्रदायिक और फासिस्टवादी ताकतों ने साजिश के तहत इस गठबंधन को तोड़ दिया। यदि वह गठबंधन आज भी कायम होता, तो देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं होती।”
PDA से डरी हुई है भाजपा, 2027 के लिए भरें हुंकार
सांसद ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) और महापुरुषों के संघर्ष की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांशीराम साहब के जन्मदिन को ‘बहुजन दिवस’ यानी ‘PDA दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला लिया है, जिससे भाजपा खेमे में खौफ है। उन्होंने संकल्प दिलाया कि 2027 में पीडीए की सरकार बनाने और अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने के लिए जनता के बीच जागरूकता पैदा करें।
आरक्षण और नौकरियों में भागीदारी पर उठाए सवाल
धर्मेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संसद में जब भी बड़े पदों (IAS, IPS, मुख्य सचिव) पर वर्गों की भागीदारी का सवाल पूछा जाता है, तो सरकार जवाब नहीं देती। पिछड़ों और दलितों का आरक्षण कोटा अन्य वर्गों में बांटा जा रहा है, जिसके खिलाफ हमें सड़क से सदन तक संघर्ष करना होगा। वहीं, सांसद दरोगा प्रसाद सरोज ने आरोप लगाया कि भाजपा ‘मनुस्मृति’ का राज लाना चाहती है और संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने की और संचालन अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सचिव अजीत कुमार राव ने किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक आलमबदी आजमी, डॉ. संग्राम यादव, बेचई सरोज, नफीस अहमद, पूजा सरोज, अखिलेश यादव, कमलाकांत राजभर, डॉ. एच. एन. सिंह पटेल, जिला पंचायत सदस्य विजय यादव, पूर्व सांसद नंदकिशोर यादव, पूर्व मंत्री डॉ. रामदुलार राजभर, पूर्व एमएलसी कमला प्रसाद यादव, राकेश कुमार यादव गुड्डू, पूर्व विधायक श्याम बहादुर सिंह यादव, अभय नारायण पटेल, जी.एस. प्रियदर्शी, पंचम बाबू, संतोष कुमार गौतम, जगदीश प्रसाद, गौरव यादव रिंकू, दुर्गेश यादव, कुणाल मौर्य, विवेक सिंह, इं. अभिषेक यादव सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






